
भीष्म आई.के.एस. कैप्सूल कोर्सेस
(ऑनलाइन)

भीष्म स्कूल ऑफ इंडियन नॉलेज सिस्टम भारतीय ज्ञान परंपरा अर्थात आई.के.एस. (Indian Knowledge System) के क्षेत्र में देश की अग्रणी शैक्षणिक संस्थाओं में से एक है। भीष्म आई.के.एस. कैप्सूल कोर्सेस, भीष्म स्कूल ऑफ इंडियन नॉलेज सिस्टम द्वारा प्रारंभ किया गया एक अभिनव और आधुनिक उपक्रम है। भारतीय ज्ञान परंपरा अर्थात इंडियन नॉलेज सिस्टम एक विशाल ज्ञान भंडार है, जिसका आयाम अत्यंत विस्तृत है। सनातन भारतीय ज्ञान परंपरा में वेद, उपनिषद, पुराण, इतिहास, कला, शास्त्र, श्रुती, स्मृती, दर्शन, वेदांग, साहित्य, भाषा, नाट्य, संगीत, नृत्य, मंदिर, स्थापत्य, तंत्रज्ञान, विज्ञान, धरोहर, संस्कृती, परंपरा, अध्यात्म, पर्यावरण, व्यवस्थापन, कौटिल्य राज्यशास्त्र, धर्मशिक्षण, मूल्यशिक्षण, नीती शिक्षण, सभ्यता, आरोग्य, शिक्षण व्यवस्था, समाजव्यवस्था, खेती, भूविज्ञान, गणित, विमानविद्या आदी विविध विभिन्न प्रकार के ज्ञान, विषय एवं ज्ञान-श्रेणियों का समावेश है।
भीष्म स्कूल ऑफ इंडियन नॉलेज सिस्टम ने भारतीय ज्ञान परंपरा के अंतर्गत विविध प्रकार के पाठ्यक्रम प्रारंभ किए हैं, जिनमें सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, मास्टर्स, पी.जी. डिप्लोमा, डॉक्टरेट तथा पोस्ट डॉक्टरेट पाठ्यक्रम शामिल हैं। अब तक दस हजार से अधिक विद्यार्थियों ने भीष्म स्कूल के विभिन्न पाठ्यक्रम पूर्ण किए हैं और इससे उन्हें अपने करियर तथा व्यक्तिगत एवं पारिवारिक जीवन में अत्यंत लाभ प्राप्त हुआ है।
भारतीय ज्ञान परंपरा का अध्ययन कहाँ से और कैसे प्रारंभ करें — यह प्रश्न अनेक लोगों के मन में आता है। 14 विद्याएँ, 64 कलाएँ तथा अनेक विषयों का अध्ययन करने की इच्छा तो होती है, परंतु शुरुआत कहाँ से करें, यह समझ में नहीं आता। कई लोगों को यह भी लगता है कि क्या वे इतना विशाल ज्ञान समझ पाएँगे? कुछ लोगों के पास समय की कमी होती है, तो कुछ लोगों को लंबे अवधि वाले डिग्री या मास्टर्स पाठ्यक्रमों के लिए आवश्यक समय एवं शुल्क की चिंता रहती है। अनेक लोगों को प्रारंभ में केवल किसी विषय का मूलभूत ज्ञान प्राप्त करना पर्याप्त लगता है।
इन्हीं सभी बातों को ध्यान में रखते हुए भीष्म स्कूल ऑफ इंडियन नॉलेज सिस्टम प्रस्तुत कर रहा है — एक अत्यंत अभिनव उपक्रम — भीष्म आई.के.एस. कैप्सूल कोर्सेस।
कैप्सूल पाठ्यक्रमों की विशेषताएँ
☑️ अल्पकालीन पाठ्यक्रम
☑️ भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS) के विषयों और अवधारणाओं की मूलभूत समझ
☑️ प्रत्येक विषय का व्यापक परिचय
☑️ रुचि के अनुसार पाठ्यक्रम चुनने की स्वतंत्रता
☑️ बेहतर योजना के लिए पूर्व-घोषित तीन माह का कार्यक्रम
☑️ बार-बार अध्ययन हेतु रिकॉर्डिंग सुविधा
☑️ भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS) के अंतर्गत अनेक विषयों का परिचय
☑️ किफायती शुल्क
☑️ भविष्य की IKS अध्ययन यात्रा की योजना बनाने में सहायक
☑️ प्रत्येक पाठ्यक्रम हेतु प्रमाणपत्र — रिज़्यूमे निर्माण एवं शैक्षणिक पोर्टफोलियो के लिए उपयोगी
☑️ 12 कैप्सूल पाठ्यक्रम पूर्ण करने के बाद एक निःशुल्क प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम
☑️ भारत की अग्रणी IKS संस्था द्वारा प्रमाणपत्र
IKS कैप्सूल पाठ्यक्रम (ऑनलाइन) की संरचना
☑️ अवधि – एक सप्ताह (5 दिन)
☑️ दिन – सोमवार से शुक्रवार
☑️ समय – रात्रि 8:00 बजे से 9:15 बजे तक
☑️ सत्र प्रारूप – 60 मिनट व्याख्यान + 15 मिनट प्रश्नोत्तर
☑️ कार्यक्रम –
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जुलाई से सितंबर 2026 तक की तीन माह की समय-सारणी
☑️ सत्रों की रिकॉर्डिंग उपलब्ध रहेगी
☑️ एक समय में कितने पाठ्यक्रमों में प्रवेश लिया जा सकता है?
• व्यक्तिगत सुविधा के अनुसार
☑️ पाठ्यक्रमों की संख्या –
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प्रत्येक सप्ताह दो कैप्सूल पाठ्यक्रम
☑️ भाषाएँ – हिंदी एवं अंग्रेज़ी मिश्रित
☑️ अध्ययन सामग्री –
• अध्ययन पुस्तिका (सॉफ्ट कॉपी)। हार्ड कॉपी अनुरोध पर ₹150/- के अतिरिक्त शुल्क पर उपलब्ध
☑️ पाठ्यक्रम शुल्क –
• ₹1500/- से घटाकर केवल ₹1200/-
☑️ प्रमाणपत्र –
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ऑनलाइन प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। हार्ड कॉपी ₹150/- के अतिरिक्त शुल्क पर उपलब्ध होगी।
विशेष लाभ
जो विद्यार्थी 12 कैप्सूल पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण करेंगे, वे ₹6000/- मूल्य के एक प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम में केवल ₹500/- सुविधा शुल्क देकर निःशुल्क प्रवेश प्राप्त करने के पात्र होंगे।
०५
गोत्र आणि गोत्र ऋषी
०९
चौदा विद्या आणि चौसष्ट कला
१०
वेद चतुष्टय, ब्राह्मण ग्रंथ आणि आरण्यक ग्रंथ
११
षड्दर्शन (आस्तिक) वैदिक दर्शने
१२
उपपुराणे अर्थात गौण पुराण े
१३
मनुस्मृती आणि अठरा स्मृती ग्रंथ
१४
प्राचीन भारतीय शिक्षण पद्धती
१५
आदि शंकराचार्य, शंकराचार्य पिठे आणि मठाम्नाय परंपरा
१६
नीति ग्रंथ - नीतिशास्त्र ग्रंथ
१७
प्राचीन भारतातील विज्ञान आणि तंत्रज्ञान परंपरा
१८
आयुर्वेद चिकित्सा आणि आयुर्वेदाची मूलतत्वे
१९
महाकवी कालिदास आणि पंच महाकाव्ये
२०
षोडश संस्कार अर्थात अत्यंत महत्त्वाचे 16 संस्कार
२१
प्राचीन भारतीय मंदिरे आणि मंदिर स्थापत्य
२२
विविध गीता अभ्यास (भगवद्गीता सोडून)
२३
मूर्त िशास्त्र
२४
अष्टांग योग
